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हिन्दी शब्दकोश से आशुशुक्षणि शब्द का अर्थ तथा उदाहरण पर्यायवाची एवं विलोम शब्दों के साथ।

आशुशुक्षणि (संज्ञा)

१. संज्ञा / निर्जीव / वस्तु / प्राकृतिक वस्तु

अर्थ : जलती हुई लकड़ी, कोयला या इसी प्रकार की और कोई वस्तु या उस वस्तु के जलने पर अंगारे या लपट के रूप में दिखाई देने वाला प्रकाशयुक्त ताप।

उदाहरण : आग में उसकी झोपड़ी जलकर राख हो गई।

पर्यायवाची : अगन, अगनी, अगिआ, अगिन, अगिया, अगिर, अग्नि, अनल, अनिलसखा, अमिताशन, अय, अर्क, अर्दनि, अशिर, आग, आगि, आगी, आज्यमुक, आतश, आतिश, आशर, आश्रयास, कालकवि, चित्रभानु, जगन्नु, जल्ह, तनूनपात्, तनूनपाद्, तपु, तपुर्जंभ, तपुर्जम्भ, तमोनुद, तमोहपह, दाढ़ा, दाव, दाहक, द्यु, धरुण, ध्वांतशत्रु, ध्वांताराति, ध्वान्तशत्रु, ध्वान्ताराति, नीलपृष्ठ, परिजन्मा, पर्परीक, पवन-वाहन, पशुपति, पावक, बरही, बहनी, बाहुल, भारत, मलिनमुख, यविष्ठ, राजन्य, लघुलय, वर्हा, वसु, वसुनीथ, वह्नि, विंगेश, विश्वप्स, वृष्णि, वैश्वानर, शिखि, शिखी, शुक्र, शुचि, सोमगोपा, हुतासन, हृषु, हेमकेली

२. संज्ञा / निर्जीव / वस्तु / प्राकृतिक वस्तु

अर्थ : प्रायः सर्वत्र चलता रहने वाला वह तत्व जो सारी पृथ्वी पर व्याप्त है और जिसमें प्राणी साँस लेते हैं।

उदाहरण : हवा के अभाव में जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती।

पर्यायवाची : अजिर, अध्यर्ध, अनिल, आकाशचारी, आकाशवायु, आशर, आशुग, ईरण, घनवाह, जगदायु, जगद्बल, तन्यतु, तलुन, तीव्रगात, धारावनि, धूलिध्वज, निघृष्व, पवन, पवमान, पृषदश्व, पौन, प्रजिन, प्राणंत, प्राणन्त, फणिप्रिय, बयार, बयारि, मरुत्, मृगवाहन, मेघारि, वहति, वायु, विधु, वृष्णि, शार, शीघ्रग, शीघ्रपाणि, संचारी, सञ्चारी, समीर, हवा

आशुशुक्षणि के संभावित विलोम शब्द :- अशुचि, जल, पानी

आशुशुक्षणि के लिऐ अंग्रेजी भाषा के शब्द :- air

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