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हिन्दी शब्दकोश से पृषदश्व शब्द का अर्थ तथा उदाहरण पर्यायवाची एवं विलोम शब्दों के साथ।

पृषदश्व (संज्ञा)

१. संज्ञा / निर्जीव / वस्तु / प्राकृतिक वस्तु

अर्थ : प्रायः सर्वत्र चलता रहने वाला वह तत्व जो सारी पृथ्वी पर व्याप्त है और जिसमें प्राणी साँस लेते हैं।

उदाहरण : हवा के अभाव में जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती।

पर्यायवाची : अजिर, अध्यर्ध, अनिल, आकाशचारी, आकाशवायु, आशर, आशुग, आशुशुक्षणि, ईरण, घनवाह, जगदायु, जगद्बल, तन्यतु, तलुन, तीव्रगात, धारावनि, धूलिध्वज, निघृष्व, पवन, पवमान, पौन, प्रजिन, प्राणंत, प्राणन्त, फणिप्रिय, बयार, बयारि, मरुत्, मृगवाहन, मेघारि, वहति, वायु, विधु, वृष्णि, शार, शीघ्रग, शीघ्रपाणि, संचारी, सञ्चारी, समीर, हवा

न दिसणारे परंतु स्पर्शास समजणारे पंचमहाभूतांतील एक तत्त्व.

वायू मंद वाहत होता.
अनिल, पवन, मरुत, मारुत, वात, वायू, वारा, समीर, समीरण, हवा
२. संज्ञा / सजीव / जन्तु / पौराणिक जीव

अर्थ : एक पौराणिक राजर्षि।

उदाहरण : पृषदश्व का वर्णन महाभारत में मिलता है।

एक पौराणिक राजर्षि.

पृषदश्वचे वर्णन महाभारतात आढळते.
पृषदश्व

A mentor in spiritual and philosophical topics who is renowned for profound wisdom.

sage
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