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हिन्दी शब्दकोश से वरवर्ण शब्द का अर्थ तथा उदाहरण पर्यायवाची एवं विलोम शब्दों के साथ।

वरवर्ण (संज्ञा)

१. संज्ञा / निर्जीव / वस्तु / प्राकृतिक वस्तु

अर्थ : एक बहुमूल्य पीली धातु जिसके गहने आदि बनते हैं।

उदाहरण : आजकल सोने का भाव आसमान छू रहा है।
चैतन्य महापुरुष के शरीर से स्वर्ण जैसी आभा निकलती थी।

पर्यायवाची : अग्नि, अभ्र, अर्ह, अवष्टंभ, अवष्टम्भ, अश्मकर, अष्टापद, आग्नेय, कंचन, कञ्चन, कनक, कांचन, काञ्चन, गारुड़, गोल्ड, चामीकर, ज़र, तामरस, तार्क्ष्य, त्रिनेत्र, दत्र, पुरुद, भद्र, मनोहर, मरुत्, रंजन, रञ्जन, रसविरोधक, वर्णि, वसु, शतकुंभ, शतकुम्भ, शतकौंभ, शतकौंभक, शतकौम्भ, शतकौम्भक, शतखंड, शतखण्ड, शातकुंभ, शातकुम्भ, शातकौंभ, शातकौम्भ, शुक्र, श्रीमत्कुंभ, श्रीमत्कुम्भ, सुवरन, सुवर्ण, सोना, स्वर्ण, हाटक, हिरण्य, हेम

पिवळ्या रंगाचा जड व मौल्यवान असा धातू.

राजाच्या खजिन्यात खूप सोने होते
कनक, कांचन, सुवर्ण, सोने, हेम
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