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हिन्दी शब्दकोश से वृष्णि शब्द का अर्थ तथा उदाहरण पर्यायवाची एवं विलोम शब्दों के साथ।

वृष्णि (संज्ञा)

१. संज्ञा / निर्जीव / वस्तु / प्राकृतिक वस्तु

अर्थ : पृथ्वी पर के जल से निकली हुई वह भाप जो घनी होकर आकाश में फैल जाती है और जिससे पानी बरसता है।

उदाहरण : आकाश में काले-काले बादल छाये हुए हैं।

पर्यायवाची : अंबर, अंबुद, अंबुधर, अंभोधर, अब्द, अब्र, अभ्र, अम्बर, अम्बुद, अम्बुधर, अम्भोधर, अर्णोद, अर्बुद, अश्म, इंद्र, इन्द्र, उदधि, घन, चातकनंदन, चातकनन्दन, जलद, जलधर, जलमसि, जलवाह, तड़ित्पति, तड़ित्वत, तड़ित्वान्, तड़िद्गर्भ, तोक्म, तोयद, तोयधर, तोयधार, तोयमुच, दात्यूह, धाराट, धाराधर, धारावर, धूमयोनि, ध्वसनि, नदनु, नभधुज, नभध्वज, नभश्चर, नभोगज, नभोदुह, नभोद्वीप, नभोधूम, नभोध्वज, नाग, नीरद, नीलभ, पयोजन्मा, पयोद, पयोधर, पाथोद, पाथोदर, पाथोधर, बादल, भव, मतंग, मतंगज, महानाद, मेघ, मेघा, मेचक, मेह, रजलवाह, रैवत, वर्षकर, वर्षाबीज, वर्षुकांबुज, वर्षुकानंद, वर्षुकानन्द, वर्षुकाम्बुज, वलाहक, वातध्वज, वातरथ, वारिद, वारिधर, विहंग, शक्रवाहन, शारद, श्वेतनील, श्वेतमाल, सत्रि, सुदाम, सुदामन, सुदामा, सेंचक, सेचक,

जी दाट होऊन आकाशात पसरते व ती थंड झाली की पाऊस पडतो अशी पृथ्वीवरील पाण्याची वाफ.

आकाशात ढग भरून आले.
अंबुद, अब्द, अभ्र, घन, जलद, जलधर, ढग, पयोधर, महुडा, मेघ

A visible mass of water or ice particles suspended at a considerable altitude.

cloud
२. संज्ञा / व्यक्तिवाचक संज्ञा
    संज्ञा / सजीव / जन्तु / पौराणिक जीव

अर्थ : एक देवता जो स्वर्ग तथा देवताओं के अधिपति माने जाते हैं।

उदाहरण : वेदों में इंद्र की आराधना का उल्लेख है।

पर्यायवाची : अचलधृष, अदित, अनंतदृष्टि, अनन्तदृष्टि, अनेकलोचन, अप्सरेश, अमर-राज, अमरनाथ, अमरपति, अमरप्रभु, अमरराज, अमरवर, अमराधिप, अमरेश, अमरेश्वर, अरब, अर्, अर्वण, अलकेश, आदित्य, इंद, इंदर, इंदु, इंद्र, इंद्रदेव, इन्द, इन्दर, इन्दु, इन्द्र, इन्द्रदेव, खदिर, जंभारि, तुरासाह, त्रिदशपति, त्रिदशाधिप, त्रिदशेश्वर, त्रिदिवाधीश, दानवारि, दिव-राज, दिवक्ष, दिवराज, देवराज, देवेंद्र, देवेन्द्र, देवेश, दैत्यदानवमर्दन, दैत्यारि, दौल्मि, द्युपति, पचत, पविधर, पाकशासन, पाकहंता, पाकहन्ता, पाकारि, पुरंदर, पुरन्दर, पूतक्रतु, पौलोम, बिड़ौजा, मघवान, मदनपति, महेंद्र, महेन्द्र, मेघपति, यामनेमि, युयुधान, रंभापति, रम्भापति, वज्रधर, वरेंद्र, वरेन्द्र, वलसूदन, वलहंता, वलहन्ता, वलहिष, विजयंत, विवुधेश, विश्वभुज, वृत्रनाशन, वृत्रवैरी, वृत्रहा, वृत्रारि, वृषण, वृषाकपि, वेत्रहा, शंबरारि, शक्र, शचींद्र, शचीन्द्र, शम्बरारि, शाक्वर, शिखी, श्वेतवह, श्वेतवाह, सहस्रचक्षु, सहस्रनेत्र, सुरकेतु, सुरनाथ, सुरनायक, सुरनाह, सुरपति, सुरभानु, सुरेंद्र, सुरेन्द्र, सुरेश, स्वर्पति

३. संज्ञा / निर्जीव / वस्तु / प्राकृतिक वस्तु

अर्थ : जलती हुई लकड़ी, कोयला या इसी प्रकार की और कोई वस्तु या उस वस्तु के जलने पर अंगारे या लपट के रूप में दिखाई देने वाला प्रकाशयुक्त ताप।

उदाहरण : आग में उसकी झोपड़ी जलकर राख हो गई।

पर्यायवाची : अगन, अगनी, अगिआ, अगिन, अगिया, अगिर, अग्नि, अनल, अनिलसखा, अमिताशन, अय, अर्क, अर्दनि, अशिर, आग, आगि, आगी, आज्यमुक, आतश, आतिश, आशर, आशुशुक्षणि, आश्रयास, कालकवि, चित्रभानु, जगन्नु, जल्ह, तनूनपात्, तनूनपाद्, तपु, तपुर्जंभ, तपुर्जम्भ, तमोनुद, तमोहपह, दाढ़ा, दाव, दाहक, द्यु, धरुण, ध्वांतशत्रु, ध्वांताराति, ध्वान्तशत्रु, ध्वान्ताराति, नीलपृष्ठ, परिजन्मा, पर्परीक, पवन-वाहन, पशुपति, पावक, बरही, बहनी, बाहुल, भारत, मलिनमुख, यविष्ठ, राजन्य, लघुलय, वर्हा, वसु, वसुनीथ, वह्नि, विंगेश, विश्वप्स, वैश्वानर, शिखि, शिखी, शुक्र, शुचि, सोमगोपा, हुतासन, हृषु, हेमकेली

एखादी गोष्ट जाळू शकणारा प्रकाशयुक्त ताप.

वार्‍यामुळे अग्नी पसरत चालला होता
अग्नी, अनल, अनळ, आग, जाळ, पावक, वन्ही, विस्तव

The process of combustion of inflammable materials producing heat and light and (often) smoke.

Fire was one of our ancestors' first discoveries.
fire, flame, flaming
४. संज्ञा / सजीव / जन्तु / पौराणिक जीव

अर्थ : हिन्दू धर्मग्रंथों में वर्णित एक देवता जो आग के अधिपति माने जाते हैं।

उदाहरण : स्वाहा अग्निदेव की पत्नी हैं।

पर्यायवाची : अग्नि, अग्निदेव, अनिलसखा, चित्रभानु, जंभारि, द्यु, धरुण, पचत, परिजन्मा, पिंगेश, बसंदर, मित्रविंद, मित्रविन्द, वसुनीथ, वसुप्राण, वसुविद, वृषाकपि, शांडिल्य, शाण्डिल्य, शिखि, शिखी, सोमगोपा

अग्नीची देवता.

स्वाहा ही अग्निदेवाची बायको आहे.
अग्निदेव
५. संज्ञा / व्यक्तिवाचक संज्ञा
    संज्ञा / सजीव / जन्तु / पौराणिक जीव

अर्थ : यदुवंशी वसुदेव के पुत्र जो विष्णु के मुख्य अवतारों में से एक हैं।

उदाहरण : सूरदास कृष्ण के परम भक्त थे।

पर्यायवाची : अच्युत, अनंत-जित्, अनंतजित्, अनन्त-जित्, अनन्तजित्, अरिकेशी, अहिजित, कंसारि, कन्हैया, कमलनयन, कान्हा, कामपाल, कालियमर्दन, किशन, कुंजबिहारी, कृष्ण, कृष्णचंद्र, केशव, खरारि, खरारी, गरुड़गामी, गिरधर, गिरधारी, गिरिधर, गिरिधारी, गुपाल, गोपाल, गोपीश, गोपेश, गोविंद, गोविंदा, गोविन्द, गोविन्दा, घनश्याम, तुंगीश, दामोदर, द्वारकाधीश, द्वारकानाथ, द्वारकेश, द्वारिकाधीश, द्वारिकानाथ, नंदकिशोर, नंदकुँवर, नंदकुमार, नंदनंदन, नंदलाल, नटराज, नन्दकिशोर, नन्दकुँवर, नन्दकुमार, नन्दनन्दन, नन्दलाल, नरनारायण, नवलकिशोर, पीतवास, पूतनारि, पूतनासूदन, बकवैरी, बनवारी, बलबीर, ब्रजबिहारी, मंजुकेशी, मधुसूदन, मनमोहन, माधव, मुकुंद, मुकुन्द, मुरली मोहन, मुरलीधर, मुरलीवाला, मुरारी, मोहन, यवनारि, यादवेंद्र, यादवेन्द्र, योगीश, योगीश्वर, योगेश, योगेश्वर, राधारमण, रासबिहारी, वंशीधर, वंशीधारी, वनमाली, वासुदेव, विट्ठलदेव, विपिन विहारी, विश्वपति, वृषदर्भ, वृषनाशन, वृष्णिक-गर्भ, वेदबाहु, वेदाध्यक्ष, शकटहा, शकटारि, शतानंद, शतानन्द, शवकृत, शिखंडी, शिखण्डी, श्याम, श्रीकृष्ण, सोमेश, सोमेश्वर, हरि, हृषीकेश

यदुवंशीय वसुदेवाचा पुत्र जो विष्णूच्या दशावतारांपैकी आठवा अवतार आहे.

महाभारताच्या युद्धात श्रीकृष्ण अर्जुनाचा सारथी होता
अच्युत, कृष्ण, केशव, गोपाल, गोपाळ, गोविंद, देवकीपुत्र, माधव, श्याम, श्रीकृष्ण

8th and most important avatar of Vishnu. Incarnated as a handsome young man playing a flute.

krishna
६. संज्ञा / निर्जीव / वस्तु / प्राकृतिक वस्तु

अर्थ : प्रायः सर्वत्र चलता रहने वाला वह तत्व जो सारी पृथ्वी पर व्याप्त है और जिसमें प्राणी साँस लेते हैं।

उदाहरण : हवा के अभाव में जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती।

पर्यायवाची : अजिर, अध्यर्ध, अनिल, आकाशचारी, आकाशवायु, आशर, आशुग, आशुशुक्षणि, ईरण, घनवाह, जगदायु, जगद्बल, तन्यतु, तलुन, तीव्रगात, धारावनि, धूलिध्वज, निघृष्व, पवन, पवमान, पृषदश्व, पौन, प्रजिन, प्राणंत, प्राणन्त, फणिप्रिय, बयार, बयारि, मरुत्, मृगवाहन, मेघारि, वहति, वायु, विधु, शार, शीघ्रग, शीघ्रपाणि, संचारी, सञ्चारी, समीर, हवा

न दिसणारे परंतु स्पर्शास समजणारे पंचमहाभूतांतील एक तत्त्व.

वायू मंद वाहत होता.
अनिल, पवन, मरुत, मारुत, वात, वायू, वारा, समीर, समीरण, हवा
७. संज्ञा / सजीव / जन्तु / पौराणिक जीव

अर्थ : हिन्दू धर्मग्रंथों में वर्णित एक देवता जो हवा के अधिपति माने जाते हैं।

उदाहरण : वेदों में भी पवनदेव के पूजन का विधान है।

पर्यायवाची : अजिर, अध्यर्ध, अनिल, जगद्बल, दैत्यदेव, पवन, पवनदेव, पवनदेवता, पवमान, मरुत, मरुत्, वायु, वायुदेव, वायुदेवता, विधु, हवा

हिंदू धर्मग्रंथांत वर्णिलेला एक देव ज्याला वायूचा अधिपती मानले जाते.

वेदांमध्ये देखील पवनदेवच्या पूजेचे विधान आहे.
पवनदेव, पवनदेवता, वायुदेव, वायुदेवता
८. संज्ञा / निर्जीव / अमूर्त / गुण

अर्थ : एक तरह का प्रकाश।

उदाहरण : उसके चेहरे की चमक स्पष्ट झलक रही थी।

पर्यायवाची : अरचि, अर्कत्व, आद्योत, आब, आबताब, आबदारी, आभा, उजास, उज्ज्वला, उज्वला, उल्लास, ओज, कांति, कान्ति, केतु, चमक, चिलक, जगमगाहट, ज्योति, झकझकाहट, ताब, तेज, त्विषा, दमक, दीप्ति, द्युति, द्युतिमा, धाम, पानी, प्रतिभा, प्रतिभान, प्रदीप्ति, प्रभा, भास, रोचि, रौनक, रौनक़, वर्हा, विद्योत्

Merriment expressed by a brightness or gleam or animation of countenance.

He had a sparkle in his eye.
There's a perpetual twinkle in his eyes.
light, spark, sparkle, twinkle
९. संज्ञा / सजीव / जन्तु / स्तनपायी

अर्थ : भेड़ जाति का नर।

उदाहरण : दो भेड़े आपस में लड़ रहे हैं।

पर्यायवाची : अवि, अविक, गड्डर, पृथूदर, भेड़ा, मेढ़ा, मेष, रोमश, लोमश, ह्रद

एक चतुष्पाद प्राणी.

मेंढ्यापासून लोकर व मांस मिळते.
मेंढा, मेष

Uncastrated adult male sheep.

A British term is `tup'.
ram, tup

वृष्णि (विशेषण)

१. विशेषण / विवरणात्मक / गुणसूचक

अर्थ : जोर का।

उदाहरण : प्रबल वेग से हवा चल रही है।
यहाँ पानी का प्रवाह उग्र है।
बाहर तेज धूप है।

पर्यायवाची : अमंद, अमन्द, आपायत, इषित, उग्र, उच्चंड, उच्चण्ड, उत्कट, कड़ा, कड़ाके का, तीक्ष्ण, तीव्र, तेज, तेज़, दुर्दम, प्रचंड, प्रचण्ड, प्रबल, हेकड़

खूप जोर असलेला.

वारे प्रबळ वेगाने वाहत होते.
त्याला विमानात बसायची उत्कट इच्छा होती.
उत्कट, तीव्र, प्रबल, प्रबळ
मुहावरे भाषा को सजीव एवं रोचक बनाते हैं। हिन्दी भाषा के मुहावरे यहाँ पर उपलब्ध हैं।