सांझा करें ट्विटर पर सांझा करें व्हाट्सएप पर सांझा करें फेसबुक पर सांझा करें
Google Play पर पाएं
हिन्दी शब्दकोश से व्यंग शब्द का अर्थ तथा उदाहरण पर्यायवाची एवं विलोम शब्दों के साथ।

व्यंग (संज्ञा)

१. संज्ञा / निर्जीव / अमूर्त / कार्य / संप्रेषण
    संज्ञा / निर्जीव / अमूर्त / गुण

अर्थ : किसी को चिढ़ाने, दुखी करने, नीचा दिखाने आदि के लिए कही जाने वाली वह बात जो स्पष्ट शब्दों में न होने पर भी अथवा विपरीत रूप की होने पर भी उक्त प्रकार का अभिप्राय या आशय प्रकट करती हो।

उदाहरण : नेता जी विपक्षी का व्यंग्य सुनकर क्रोधित हो गए।

पर्यायवाची : अधिक्षेप, काकु, नोंक झोंक, नोंक-झोंक, नोंकझोंक, नोक झोंक, नोक झोक, नोक-झोंक, नोक-झोक, नोकझोंक, नोकझोक, फबती, फब्ती, मखौल, व्यंग्य, व्यङ्ग, व्यङ्ग्य, शोशा, हँसी

Witty language used to convey insults or scorn.

He used sarcasm to upset his opponent.
Irony is wasted on the stupid.
Satire is a sort of glass, wherein beholders do generally discover everybody's face but their own.
caustic remark, irony, sarcasm, satire
२. संज्ञा / निर्जीव / अमूर्त / गुणधर्म

अर्थ : शब्द की व्यंजना वृत्ति से प्रकट होने वाला अर्थ।

उदाहरण : व्यंग्यार्थ सहजता से समझ में नहीं आता है।

पर्यायवाची : ध्वन्य, व्यंग्य, व्यंग्यार्थ, व्यङ्ग, व्यङ्ग्य, व्यङ्ग्यार्थ

Witty language used to convey insults or scorn.

He used sarcasm to upset his opponent.
Irony is wasted on the stupid.
Satire is a sort of glass, wherein beholders do generally discover everybody's face but their own.
caustic remark, irony, sarcasm, satire
मुहावरे भाषा को सजीव एवं रोचक बनाते हैं। हिन्दी भाषा के मुहावरे यहाँ पर उपलब्ध हैं।