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हिन्दी शब्दकोश से शिखी शब्द का अर्थ तथा उदाहरण पर्यायवाची एवं विलोम शब्दों के साथ।

शिखी (संज्ञा)

१. संज्ञा / सजीव / जन्तु / स्तनपायी / व्यक्ति

अर्थ : हिंदुओं के चार वर्णों में से पहले वर्ण का मनुष्य।

उदाहरण : पंडित श्याम नारायण एक श्रेष्ठ ब्राह्मण हैं ।
आज का ब्राह्मण अपने कर्म से विचलित होता जा रहा है ।
ब्राह्मणों की उत्पत्ति अग्नि से मानी गई है।

पर्यायवाची : अनलमुख, आग्नेय, इरेश, त्रयीमुख, द्विज, द्विजपति, द्विजाति, द्विजेंद्र, द्विजेन्द्र, द्विजेश, नृदेव, नृदेवता, पंडित, बाम्हन, ब्रह्मण, ब्राह्मण, भू-देव, भू-देवता, भू-सुर, भूदेव, भूदेवता, भूमिदेव, भूसुर, महिदेव, माहन, माहनीय, मैत्र, योगचक्षु, लहेर, वर्णज्येष्ठ, विप्र, वेदगर्भ, वेदाधिदेव, सावित्र

२. संज्ञा / निर्जीव / वस्तु / मानवकृति

अर्थ : प्रकाश करने के लिए बना धातु, मिट्टी आदि का वह पात्र जिसमें तेल और बत्ती डालकर बत्ती को जलाई जाती है।

उदाहरण : शाम होते ही गाँवों में दीपक जल जाते हैं।

पर्यायवाची : चिराग, चिराग़, ढेबरी, तमोहपह, तिमिररिपु, तिमिरहर, दिया, दिवला, दिवली, दीप, दीपक, दीया, प्रदीप, बत्ती, बाती, सारंग

३. संज्ञा / सजीव / जन्तु / पक्षी

अर्थ : लम्बी गर्दन और लम्बे पैरों वाला एक पक्षी।

उदाहरण : बगुला मछली पकड़ने के लिए जल के किनारे बैठा हुआ है।

पर्यायवाची : कंक, जलरंक, जलरंज, तीर्थसेवी, निशैत, बक, बकुला, बग, बगला, बगुला, बलाक, मीनघाती, मेघानंद, मेघानन्द, वक, विषकंठिका

६. संज्ञा / सजीव / वनस्पति / झाड़ी

अर्थ : एक छोटा पौधा जिसकी पत्तियों का साग बनता है।

उदाहरण : उसने घर के पीछे एक छोटी सी क्यारी में मेथी बोई है।

पर्यायवाची : अश्वबला, कैरवी, दीपनी, पीतबीजा, मंथा, मदनी, मन्था, मेथिका, मेथी, वेधिनी, शालिनी

७. संज्ञा / निर्जीव / वस्तु / खाद्य
    संज्ञा / भाग

अर्थ : मेथी के पौधे से प्राप्त बीज जो छोटे आकार का होता है।

उदाहरण : मेथी का उपयोग मसाले के रूप में किया जाता है।

पर्यायवाची : अश्वबला, कैरवी, दीपनी, पीतबीजा, मंथा, मदनी, मन्था, मेथिका, मेथी, शालिनी

९. संज्ञा / सजीव / जन्तु / पौराणिक जीव

अर्थ : हिन्दू धर्मग्रंथों में वर्णित एक देवता जो आग के अधिपति माने जाते हैं।

उदाहरण : स्वाहा अग्निदेव की पत्नी हैं।

पर्यायवाची : अग्नि, अग्निदेव, अनिलसखा, चित्रभानु, जंभारि, द्यु, धरुण, पचत, परिजन्मा, पिंगेश, बसंदर, मित्रविंद, मित्रविन्द, वसुनीथ, वसुप्राण, वसुविद, वृषाकपि, वृष्णि, शांडिल्य, शाण्डिल्य, शिखि, सोमगोपा

११. संज्ञा / जातिवाचक संज्ञा
    संज्ञा / सजीव / जन्तु / स्तनपायी

अर्थ : गौ जाति का बधिया किया हुआ वह नर चौपाया जो कलों और गाड़ियों में जोता जाता है।

उदाहरण : बैल किसान के लिए बहुत ही उपयोगी होता है।

पर्यायवाची : अनडुह, उक्षा, ऋषभ, पुंगव, बालद, बैल, रिषभ, वृषभ, वृषेंद्र, वृषेन्द्र, शाक्कर, शाक्वर, शाद्वल, स्कंधिक, स्कन्धिक

१२. संज्ञा / निर्जीव / वस्तु / प्राकृतिक वस्तु

अर्थ : एक सौरमण्डलीय वस्तु जो पत्थर, धूल, बर्फ़ और गैस का बना एक छोटा खंड होता है और यह ग्रहों के समान सूर्य की परिक्रमा करता है।

उदाहरण : धूमकेतु कभी-कभी दिखाई देता है।

पर्यायवाची : आहिक, केतु, दुमतारा, धूम, धूमकेतु, पुच्छल तारा, पुच्छलतारा, विकेश

१३. संज्ञा / जातिवाचक संज्ञा
    संज्ञा / निर्जीव / वस्तु / मानवकृति

अर्थ : धातु आदि का बना वह पतला लम्बा हथियार जो धनुष द्वारा चलाया जाता है।

उदाहरण : बाण लगते ही पक्षी तड़फड़ाने लगा।

पर्यायवाची : आशुग, इशिका, इशीका, इषीका, इषु, इष्य, ईषु, कांड, काण्ड, खग, चित्रपुंख, तीर, पत्रवाह, पीलु, पुंडरीक, पुण्डरीक, पुष्कर, प्राणशोषण, बाण, बान, मार्गन, वाण, विशिख, विहंग, विहग, शर, शायक, शिखंडी, शिखण्डी, सलाक, सायक

१४. संज्ञा / निर्जीव / वस्तु / प्राकृतिक वस्तु

अर्थ : जलती हुई लकड़ी, कोयला या इसी प्रकार की और कोई वस्तु या उस वस्तु के जलने पर अंगारे या लपट के रूप में दिखाई देने वाला प्रकाशयुक्त ताप।

उदाहरण : आग में उसकी झोपड़ी जलकर राख हो गई।

पर्यायवाची : अगन, अगनी, अगिआ, अगिन, अगिया, अगिर, अग्नि, अनल, अनिलसखा, अमिताशन, अय, अर्क, अर्दनि, अशिर, आग, आगि, आगी, आज्यमुक, आतश, आतिश, आशर, आशुशुक्षणि, आश्रयास, कालकवि, चित्रभानु, जगन्नु, जल्ह, तनूनपात्, तनूनपाद्, तपु, तपुर्जंभ, तपुर्जम्भ, तमोनुद, तमोहपह, दाढ़ा, दाव, दाहक, द्यु, धरुण, ध्वांतशत्रु, ध्वांताराति, ध्वान्तशत्रु, ध्वान्ताराति, नीलपृष्ठ, परिजन्मा, पर्परीक, पवन-वाहन, पशुपति, पावक, बरही, बहनी, बाहुल, भारत, मलिनमुख, यविष्ठ, राजन्य, लघुलय, वर्हा, वसु, वसुनीथ, वह्नि, विंगेश, विश्वप्स, वृष्णि, वैश्वानर, शिखि, शुक्र, शुचि, सोमगोपा, हुतासन, हृषु, हेमकेली

१५. संज्ञा / जातिवाचक संज्ञा
    संज्ञा / निर्जीव / वस्तु / प्राकृतिक वस्तु
    संज्ञा / निर्जीव / स्थान / भौतिक स्थान

अर्थ : भूमि का बहुत ऊँचा, ऊबड़-खाबड़ और प्रायः पथरीला प्राकृतिक भाग।

उदाहरण : हिमालय पर्वत भारत के उत्तर में है।

पर्यायवाची : अग, अचल, अद्रि, अलम, अवि, अश्म, कंदराकर, गिर, गिरि, घाट, तालिश, तुंग, दरीभृत, धातुभृत्, पयोधर, पर्वत, पहाड़, पारावत, पृथुशेखर, पृथ्वीधर, भूधर, भूमिधर, भूमिभृत, महिधर, वलाहक, वसुधाधर, व्यंगक, व्यंशक, व्यङ्गक, शैल, स्थावर

१६. संज्ञा / सजीव / वनस्पति / वृक्ष

अर्थ : जड़, तने, शाखा तथा पत्तियों से युक्त बहुवर्षीय वनस्पति।

उदाहरण : पेड़ मनुष्य के लिए बहुत ही उपयोगी हैं।

पर्यायवाची : अग, अघ्रिप, अनोकह, अमंद, अमन्द, अर्क, आसना, जर्ण, तरु, तरुवर, दरख़्त, दरख्त, द्रुम, नख़्ल, नख्ल, पल्लवी, पादप, पुलाकी, पेड़, प्रतिबंधक, प्रतिबन्धक, बीरो, भूमिजात, रुक्ष, रूँख, रूख, रूखड़ा, रूखरा, विटप, विटपी, वृक्ष, शिखरी, साखि, साखी, स्कंधी, स्कन्धी

१७. संज्ञा / निर्जीव / वस्तु / शारीरिक वस्तु
    संज्ञा / रूप / द्रव

अर्थ : शरीर के अंदर का एक तरल पदार्थ जो यकृत में बनता है और पाचन में सहायक होता है।

उदाहरण : पित्त भोजन पचाने में सहायक होता है।

पर्यायवाची : पलंकर, पलङ्कर, पलाग्नि, पित्त, पित्ताग्नि, रंजन, रञ्जन, वैश्वानर, साधक

१८. संज्ञा / व्यक्तिवाचक संज्ञा
    संज्ञा / सजीव / जन्तु / पौराणिक जीव

अर्थ : एक देवता जो स्वर्ग तथा देवताओं के अधिपति माने जाते हैं।

उदाहरण : वेदों में इंद्र की आराधना का उल्लेख है।

पर्यायवाची : अचलधृष, अदित, अनंतदृष्टि, अनन्तदृष्टि, अनेकलोचन, अप्सरेश, अमर-राज, अमरनाथ, अमरपति, अमरप्रभु, अमरराज, अमरवर, अमराधिप, अमरेश, अमरेश्वर, अरब, अर्, अर्वण, अलकेश, आदित्य, इंद, इंदर, इंदु, इंद्र, इंद्रदेव, इन्द, इन्दर, इन्दु, इन्द्र, इन्द्रदेव, खदिर, जंभारि, तुरासाह, त्रिदशपति, त्रिदशाधिप, त्रिदशेश्वर, त्रिदिवाधीश, दानवारि, दिव-राज, दिवक्ष, दिवराज, देवराज, देवेंद्र, देवेन्द्र, देवेश, दैत्यदानवमर्दन, दैत्यारि, दौल्मि, द्युपति, पचत, पविधर, पाकशासन, पाकहंता, पाकहन्ता, पाकारि, पुरंदर, पुरन्दर, पूतक्रतु, पौलोम, बिड़ौजा, मघवान, मदनपति, महेंद्र, महेन्द्र, मेघपति, यामनेमि, युयुधान, रंभापति, रम्भापति, वज्रधर, वरेंद्र, वरेन्द्र, वलसूदन, वलहंता, वलहन्ता, वलहिष, विजयंत, विवुधेश, विश्वभुज, वृत्रनाशन, वृत्रवैरी, वृत्रहा, वृत्रारि, वृषण, वृषाकपि, वृष्णि, वेत्रहा, शंबरारि, शक्र, शचींद्र, शचीन्द्र, शम्बरारि, शाक्वर, श्वेतवह, श्वेतवाह, सहस्रचक्षु, सहस्रनेत्र, सुरकेतु, सुरनाथ, सुरनायक, सुरनाह, सुरपति, सुरभानु, सुरेंद्र, सुरेन्द्र, सुरेश, स्वर्पति

१९. संज्ञा / सजीव / जन्तु / स्तनपायी

अर्थ : सींगरहित एक चौपाया जो गाड़ी खींचने और सवारी के काम में आता है।

उदाहरण : राणा प्रताप के घोड़े का नाम चेतक था।

पर्यायवाची : अमृतसहोदर, अरघ, अर्घ, अर्वण, अलल्लाँ, अलल्लां, अश्व, केशरी, केशी, केसरी, केहरी, घोट, घोटक, घोड़ा, तारखी, तार्क्ष्य, तुरंग, तुरंगम, तुरग, परुद्वार, पेलि, पेली, प्रयोग, मराल, माषाश, ययी, ययु, युयु, रैवंता, वातप्रमी, वृषण, वृषल, शालिहोत्र, श्रीपुत्र, हय, हयंद, होबार

२०. संज्ञा / सजीव / वनस्पति / झाड़ी

अर्थ : एक जंगली पौधा जो दवा के काम में आता है।

उदाहरण : वैद्य ने रोगी को चिचड़े के सत्व का सेवन करने का सुझाव दिया।

पर्यायवाची : अंझाझारा, अधामार्ग, अधोघंटा, अधोघण्टा, अपामार्ग, अर्ग्वध, आधाझारा, ऊँगा, ओंगा, केशपर्णी, चचीड़ा, चिचड़ा, चिचड़ी, चिरचिटा, चिरचिरा, धानुष्का, मालाकंठ, मालाकण्ठ, लटजीरा, विषघ्निका, वृहत्फल, वेश्मकूल, शिखरी, श्वेतधामा

२१. संज्ञा / सजीव / जन्तु / पौराणिक जीव

अर्थ : पुराणानुसार एक राक्षस का नाम जो नौ ग्रहों में माना जाता है।

उदाहरण : शास्त्रों के अनुसार केतु सूर्य देव पर आक्रमण करता है जिसकी वजह से सूर्यग्रहण लगता है।

पर्यायवाची : कबंध, कबन्ध, केतु

२२. संज्ञा / सजीव / जन्तु / पक्षी

अर्थ : एक प्रकार का सारस पक्षी।

उदाहरण : शिखी सरोवर के किनारे खड़ा है।

शिखी के संभावित विलोम शब्द :- अदिव्य, अप्रयोग, अशुचि, ईषत, गाय, घाटी, चल, जंगम, जल, पानी, मंद, मूर्ख

शिखी के लिऐ अंग्रेजी भाषा के शब्द :- agni, asparagus, asparagus officinales, bile, cock, comet, edible asparagus, egret, equus caballus, fenugreek, fenugreek seed, gall, greek clover, horse, kerosene lamp, kerosine lamp, oil lamp, peacock, rooster, trigonella foenumgraecum

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